कलम और नाम
ऐ कलम
जब प्रिय का नाम हर पंक्ति में कविता बनकर उतर आए।
ऐ कलम, धीरे चलना, आज उसका नाम लिखना है,
हर अक्षर में धड़कन रखना, हर पंक्ति में एहसास लिखना है।
वो नाम कोई साधारण शब्द नहीं,
मेरे दिल की सबसे कोमल आवाज़ है।
कागज़ पर जब उसका ज़िक्र उतरता है,
सूना कमरा भी महकने लगता है।
ऐ कलम, इतनी मोहब्बत से लिखना,
कि पढ़ने वाला भी प्रेम में भीगने लगता है।