अपनापन
बाहों का हार
अपनापन, सुरक्षा और सुकून का गहरा एहसास।
तेरी बाहों का हार मिले तो दिन सँवर जाए,
थका हुआ मन भी पल में निखर जाए।
दुनिया की भीड़ से जब डर लगता है,
तेरा अपनापन ही आसरा बनता है।
इन बाहों में कोई शोर नहीं होता,
बस सुकून का धीमा संगीत होता है।
तुम पास रहो तो लगता है,
जैसे दिल को उसका घर मिल गया।