दिल की गहराई

दिल दा मामला है

दिल की गहराई में रखा हुआ सच्चा और आत्मीय प्रेम।

दिल दा मामला है, समझाया नहीं जाता,

जो भीतर धड़कता है, दिखाया नहीं जाता।

तेरा नाम आए तो चेहरा बोल पड़ता है,

वरना प्रेम का राज़ बताया नहीं जाता।


कुछ रिश्ते आवाज़ नहीं माँगते,

बस मौजूदगी से पूरे हो जाते हैं।

तुम मेरे भीतर ऐसे बसे हो,

जैसे दुआ में भरोसा बस जाता है।

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